About Me

My photo
delhi, India
I m a prsn who is positive abt evry aspect of life. There are many thngs I like 2 do, 2 see N 2 experience. I like 2 read,2 write;2 think,2 dream;2 talk, 2 listen. I like to see d sunrise in the mrng, I like 2 see d moonlight at ngt; I like 2 feel the music flowing on my face. I like 2 look at d clouds in the sky with a blank mind, I like 2 do thought exprimnt when I cannot sleep in the middle of the ngt. I like flowers in spring, rain in summer, leaves in autumn, freezy breez in winter. I like 2 be alone. that’s me

Sunday, August 5, 2012

इंशाल्लाह...

clicked by: Mahi S
Mahi : सुनो ना एक राइटिंग कॉम्पीटीशन है, उसमें लव स्टोरी लिखनी है, आखिरी तारीख अभी कुछ दिन में ही है प्लीज तुम लिखो ना हमारी कहानी...प्लीज...
S : हां हां ठीक है...मै कोशिश करूंगा...लेकिन अच्छा लिख पाऊंगा या नहीं ये नहीं पता।
Mahi :  तुम लिखो तो सही हमारी लव स्टोरी सबसे अच्छी होगी।
S : सबको ऐसा लगता है कि उनकी लव स्टोरी बेस्ट है। तुम भी ना...
Mahi :  मुझे नहीं पता तुम लिखकर जल्दी से मेल कर दो।
S : क्या लिखूं कि कहानी की हीरोइन ये मानने को ही तैयार नहीं है कि कुछ रिश्ते साथ रहने के लिए नहीं बनते??
Mahi : नहीं...वहीं से शुरू करो तुम्हारा ऑफिस..दीदी का डेस्क...उसकी शादी की तस्वीर और तस्वीर देखकर तुम्हारा मुझे एक अंजान बनकर फोन करना। :)
S : फिर परियों की दुनिया में दोनों का रहना और हकीकत सामने आने उसे न मानने की जिद करना...
Mahi : काश ऐसा हो कि जैसे-जैसे तुम्हारा पेन चले और कहानी सच में वैसी ही चले। और कहानी का अंत हो कबूल है..कबूल है...कबूल है... :) :)
बोलो ना अब इंशाल्लाह...अब तो तुम जल्दी से नहीं बोल रहे हो ;)

15 comments:

  1. ...कुछ रिश्ते साथ रहने के लिए नहीं बनते?
    bahut hi sundar...

    ReplyDelete
  2. माही तुम्हारी पोस्ट ,पोस्ट नहीं लगती....नहीं है न??????
    काश न हो....

    love
    anu

    ReplyDelete
  3. गहरे जज्बात ... कहानी जैसे बोल रही है ... भीगे एहसास को शब्दों का जामा पहनाती हुयी ... लाजवाब ...

    ReplyDelete
  4. Inshaallah, aapki love story zaroor rang layegi :)

    ReplyDelete
  5. खुबसूरत प्रवाह....बस बहते गई,बहते गई ,बहुत सुन्दर!

    ReplyDelete
  6. कुछ कहानियां सिर्फ कहानियां नहीं होती..है ना???

    ReplyDelete
  7. आपको जितना पढ़ते जाता हूँ बिलकुल जानी पहचानी सी मालुम होते जा रही हैं आप...शायद ये हो सकता है की आपकी तरह की किसी लड़की को जानता हूँ :)

    ReplyDelete
  8. जो होकर भी न हुए जुदा...
    न होंगे कभी! कुछ ऐसे भी रिश्ते होते हैं...

    ReplyDelete